Blog Single

2023-11-28

उत्तरा फाल्गुनी

उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र अप्रैल के आखिर में और मई की शुरुवात में शिर पर आकाश में रात 9:00 से 11:00 बजे दिखाई देता है यह नक्षत्र 2 तारो से बना हुआ है इसका आकाश में स्वरुप शय्या जैसा स्वरूप दिखाई देता है सिंह राशि उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र - प्रथम चरण सिंह राशि - 26 अंश 40 कला से 30 अंश तक होता है कन्या राशि उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र - द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ चरण-कन्या राशि ० अंश से 10 अंश तक होता है

सिंह राशि उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वभाव:

सिंह राशि उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में जन्म धारण करने वाला जातक का महत्वाकांक्षी स्वावलम्बी, अधिकारपूर्ण, उत्साही, शक्तिशाली, दयालु, आशावादी, संतोषी, प्रसन्न, विद्वान, विनम्र, धनी, जनप्रिय, महान परन्तु स्वप्रशंसक, अभिमानी, ईर्ष्यालु तथा दिखावा करने वाला, अड़ियल

कन्या राशि उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वभाव:

कन्या राशि उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में जन्म धारण करने वाला जातक का उत्तम तर्क शक्ति, बुद्धिमान, चतुर, उद्यमी, विद्यावसनी, व्यापारिक बुद्धि, गणित, ज्योतिष, इन्जीनियरिंग, लेखापालन, स्वास्थ्य-इन्जीनियरिंग, राजनयिक, आलोचक।

सिंह राशि उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र व्यवसाय:

सिंह राशि उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में जन्म धारण करने वाला जातक राज्यसेवा, चिकित्सा, रक्षा, नौसेना, जलयान उद्योग, व्यापार, शेयर व्यापार, हृदय रोग एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ, व्यापारी

कन्या राशि उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र व्यवसाय:

कन्या राशि उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में जन्म धारण करने वाला जातक मुद्रण, पत्रकार, प्रकाशन, जन सम्पर्क संदेशवाहन, कम्पनी प्रबन्धन, खगोलशास्त्री, ज्योतिषी, हस्तलेख विशेषज्ञ, टेलीफोन व ध्वनि यंत्रों के निर्माता, उत्खनन कार्य, ठेकेदार, दलाल, हृदय रोग व नेत्र रोग विशेषज्ञ, अस्पताल में नौकरी, रासायनिक उद्योग, लेखक, पर्यटन व डाक तार विभाग, वैद्य, दवा विक्रेता, वाद्य यंत्रों से सम्बन्धित व्यवसाय

इस उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र की जानकारी वीडियो के रूप में देखें

https://youtu.be/L10egw97kew?si=z2513mdvyq-cyRm5

सिंह राशि उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र रोग:

सिंह राशि उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में जन्म धारण करने वाला जातक के जीवनमें पीठ व सिर में दर्द, वात-विकार, प्लेग, खसरा, रक्तचाप, मियादी बुखार, मूर्च्छा, मानसिक रोग ।

कन्या राशि उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र रोग:

कन्या राशि उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में जन्म धारण करने वाला जातक के जीवनमें आन्त्रशोथ, आंतों में रुकावट, आमाशय के रोग, गले व गर्दन में सूजन व दर्द, यकृत विकार, पैत्तिक ज्वर

सिंह राशि उत्तरा फाल्गुनी राशीश सूर्य

कन्या राशि उत्तरा फाल्गुनी राशीश बुध

• नक्षत्र अंग – मेरुरज्जु । आंतें, यकृत• नक्षत्र वृक्ष - बड़ और पाकड़ है ।• नक्षत्र रंग - लाल• नक्षत्र तत्व - वायु• नक्षत्र गणना - शुभ• नक्षत्र स्वामी - सूर्य• नक्षत्र के देवता - अर्यमा • नक्षत्र मंत्र - ॐ उतरा फाल्गुनीभ्यां नमः

उतराफाल्गुनी कन्या राशि

•वर्ण: वैश्य •वशय:मानव •योनि : गौ •गण: मनुष्य •नाड़ी:आदि

उतराफाल्गुनी सिंह राशि

•वर्ण: क्षत्रिय •वशय:मानव •योनि : वनचर •गण: मनुष्य •नाड़ी:आदि

नक्षत्र साधना उपासना

उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र - प्रथम चरण सिंह राशि - द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ चरण-कन्या राशि में आते है इस चरण के अनुशार साधना उपासना करने से अच्छा लाभ प्राप्त होता है

प्रथम चरण का स्वामी : गुरु

गौ-दान रविवार और सप्तमी का उपवास

द्वितीय चरण का स्वामी : शनि

गौ-दान और गायत्री मंत्र जप

तृतीय चरण का स्वामी : शनि

गौ-दान वैशाख-कार्तिक-माह महीने में प्रातः स्नान

चौथे चरण का स्वामी : गुरु

विष्णु उपासना

Special Tips:

उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में जन्म धारण करने वाले जातक को कृत्तिका - उत्तराफाल्गुनी - उत्तराषाढ़ा इन तीन नक्षत्र में कोई भी अच्छा कार्य नहीं करना चाहिए

About - Prof.Kartik

Read More

Allso Branded Astrologer's

Please Vist Our Best Brand Astrologer's

One Of The Best Paranormal Activity Investigator

Dr. Bharat Dave

Visit Profile

One Of The Best Astrologer

Prof.Kartik Rawal

Visit Profile

Daily Planetary Overview

Consectetur adipiscing elit, sed do eiusmod tempor incididuesdeentiut labore
etesde dolore magna aliquapspendisse and the gravida.

Mercury in Aries square Mars in Capricorn

Simply dummy text of the printing and typesetting industry. Lorem Ipsum has been the industry's standard dummy text ever since the 1500s, when an unknown printer took a galley of type and scrambled it to make a type specimen book. It has survived not only five centuries, but also the leap into electronic typesetting, remaining essentially unchanged. It was popularised in the 1960s with the release of Letraset sheets containing Lorem Ipsum It has survived not only five rinter took a galley of type and scrambled it centuries, but also the passages,

July 29, 2022