मृगशिर नक्षत्र जनवरी-फरवरी महीने में ठीक शिर पर आकाश में रात 9:00 से 11:00 बजे दिखाई देता है यह नक्षत्र 3 तारो से बना हुआ है इसका आकाश में मृग के आँखों जैसा स्वरूप दिखाई देता है वृषभ राशि मृगशिर नक्षत्र प्रथम व द्वितीय चरण-वृषभ राशि 23 अंश 20 कला से 30 अंश तक, मिथुन राशि मृगशिर नक्षत्र – तृतीय व चतुर्थ चरण-मिथुन राशि 0 अंश से 6 अंश 40 कला तक,
वृषभ राशि मृगशिर नक्षत्र में जन्म धारण करने वाला जातक का सचेत, हाजिरजवाब, शक्तिशाली, कार्य कुशल परन्तु कटुभाषी, स्वार्थी, झगड़ालू । कान के पीछे साही, आकर्षक, वाक्पटु,
मिथुन राशि मृगशिर नक्षत्र में जन्म धारण करने वाला जातक का फुर्तीला, वाक्पटु, हाजिर जवाब, शौकीन, व्यवहार कुशल, व्यापारिक बुद्धि युक्त, तीव्र स्मरण शक्ति का धनी, नेतृत्वशील, मेहनती, धनी परन्तु स्वार्थी, डरपोक व कामी ।
वृषभ राशि मृगशिर नक्षत्र में जन्म धारण करने वाला जातक- सम्बन्धित व्यवसाय, आयकर एवं विक्रय कर विभाग भूमि भवन, वाद्ययंत्र एवं संगीत, प्रदर्शनी, दर्जी का कार्य, खाद, चांदी, प्लेटिनम, ऑटोमोबाइल, खालें व हड्डियां, तम्बाकू, मिठाई से सम्बन्धित व्यवसाय, पशु चिकित्सक, विभाग, गाड़ी, रिक्शा व टैक्सी ड्राइवर, फल, मूंगा, वेसलीन, बर्फ, टेल्कम पाउडर, चन्दन पाउडर, तेल, मंजन, ब्रश आदि का क्रय-विक्रय, चलचित्र उद्योग, फोटोग्राफी, ध्वनि तकनीशियन, वस्त्र, विवाह मण्डप हीरे,।
मिथुन राशि मृगशिर नक्षत्र में जन्म धारण करने वाला जातक मशीनरी औजार विद्युत उपकरण, शल्य चिकित्सा के यंत्र, टेलीफोन, तार, पोस्टल विभाग, शल्य चिकित्सक, सैनिक, गणितज्ञ, खगोलशास्त्री, भवन निर्माण ठेकेदार, रेडियो, टेपरिकार्ड, केल्क्यूलेटर, कम्प्यूटर आदि के विक्रेता, विक्रय प्रतिनिधि, दलाल, पत्रकार, प्रकाशन, रेडीमेड गारमेन्ट्स, फलफूल विक्रेता, अनुसंधान, जासूसी, ऑडिटर, लेखाकार, शिक्षक।
https://youtu.be/XK0pmZOcDec?si=KwOC4H4VBtwp7rJm
वृषभ राशि मृगशिर नक्षत्र रोग:
वृषभ राशि मृगशिर नक्षत्र में जन्म धारण करने वाला जातक के जीवनमें मुंहासे, चेहरे पर चोट, गले में सूजन, दर्द, गलफड़,
मिथुन राशि मृगशिर नक्षत्र में जन्म धारण करने वाला जातक के जीवनमें रक्त दोष, खुजली, साइटिका, भुजाओं में घाव या फ्रेक्चर, कन्धों में में दर्द, गुप्तांगों में रोग, हृदय की बाहरी झिल्ली में सूजन।
• नक्षत्र अंग गला, भुजा, कंधे, कान, स्वर तंत्र, थाइमस ग्रन्थि, ऊपरी पसलियां चेहरा, ठोड़ी, गाल, टॉन्सिल, तालू• नक्षत्र वृक्ष खैर है ।• नक्षत्र तत्व - वायु• नक्षत्र रंग - केसरी• नक्षत्र गणना - शुभ• नक्षत्र स्वामी मंगल• नक्षत्र के देवता - सोम• नक्षत्र मंत्र - ॐ मृगशीर्षाय नम:
• वर्ण: वैश्य• वशय:चतुश्पद• योनि :सर्प• गण: देव• नाड़ी:मध्य
• वर्ण: सूद्र• वशय:मानव• योनि :सर्प• गण: देव• नाड़ी:मध्य
मृगशिर नक्षत्र प्रथम व द्वितीय चरण-वृषभ राशि तृतीय व चतुर्थ चरण-मिथुन राशि में आते है इस चरण के अनुशार साधना उपासना करने से अच्छा लाभ प्राप्त होता है
गायत्री मंत्र जप और दुर्गा देवीपूजा
गायत्री मंत्र जप
गायत्री मंत्र जप महामृत्युंजय जप
गायत्री मंत्र जप महामृत्युंजय जप
मृगशिर नक्षत्र में जन्म धारण करने वाले जातक को मृगशिरा - चित्रा धनिष्ठा इन तीन नक्षत्र में कोई भी अच्छा कार्य नहीं करना चाहिए
ज्योतिषाचार्य प्रो. कार्तिक भाई शास्त्री: संक्षिप्त परिचय
संपादक: मधुर गुजरात साप्ताहिक समाचार पत्र (1999 से)
प्रकाशक: मधुर पंचांग (2005 से)
अध्यक्ष: वेदशास्त्र एस्ट्रो (अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सलाहकार) - 1999 से
सचिव: अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष फाउंडेशन
कोषाध्यक्ष: शिव शक्ति चैरिटेबल ट्रस्ट और एजुकेशन ग्रोथ सोसाइटी
पंजीयक: महर्षि वेदव्यास अकादमी (भारत)
अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सलाहकार और वास्तुशास्त्री
प्रो. कार्तिक भाई शास्त्री अपने गहन ज्योतिषीय ज्ञान और अनुभव के माध्यम से आपकी जन्म कुंडली का विश्लेषण कर. सटीक भविष्यवाणियां प्रदान करते हैं।
प्रमुख सेवाएं
जन्म कुंडली और राशिफल: विस्तृत ज्योतिषीय विश्लेषण और समाधान।
वास्तुशास्त्र परामर्श: घर, कार्यालय या अन्य स्थानों के लिए सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि के उपाय।
जीवन समस्याओं के ज्योतिषीय समाधान: जैसे स्वास्थ्य, करियर, विवाह और वित्त से जुड़ी समस्याओं का समाधान।
उनकी उपलब्धियां
1999 से ज्योतिष और वास्तुशास्त्र के क्षेत्र में योगदान।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लाखों संतुष्ट ग्राहकों द्वारा सम्मानित।
ज्ञान और समर्पण के माध्यम से अपने अनुयायियों का जीवन बदलने का लक्ष्य।
ज्योतिषीय समाधान और भविष्यवाणी के लिए संपर्क करें।
आपकी खुशहाली और सफलता के लिए प्रो. कार्तिक भाई शास्त्री हमेशा समर्पित हैं।
अधिक जानकारी और परामर्श के लिए संपर्क करें।
Please Vist Our Best Brand Astrologer's
Consectetur adipiscing elit, sed do eiusmod
tempor incididuesdeentiut labore
etesde dolore magna aliquapspendisse and the gravida.
© Copyright 2022-2023 allso.in Designed by Ved Shastra Astro Pvt. Ltd.