चार मुखी रुद्राक्ष ब्रम्हाजी का स्वरुप माना गया है। इसे धारण करने से नर हत्या जैसा जघन्य पाप से भी मुक्ति मिल शक्ति है। चतुर्मुखी रुद्राक्ष धर्म, अर्थ काम एवं मोक्ष को प्रदान करने वाला है। यह चार मुखी रुद्राक्ष शिक्षा में उच्च सफलता देता है। जिसकी बुद्धि मंद हो, वाक् शक्ति कमजोर हो तथा स्मरण शक्ति मंद हो उसके लिए यह रुद्राक्ष कल्पतरु के समान बन सकता है। astrologer , astrologer , astrologer , astrologer
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इसके धारण करने से शिक्षा आदि में असाध्य सफलता और अधिक आत्मविश्वास प्राप्त हो सकता है। चार मुखी रुद्राक्ष को धारण करते समय "ॐ चतुर वकत्रस्य ॐ ह्रीं नमः" इस मंत्र की 21 माला जप और नारियल के पानी से अभिषेक और पूजा करके धारण करना चाहिए।
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जो भी जातक टूर और ट्रावेलिंग का बिजनेस करते है और जो राष्ट्रिय और अंतराष्ट्रीय कंसल्टिंग बिज़नेस करते है । और डॉक्टरों वैध, सर्जन ,वकील ,जज,न्यायाल में काम करने वाले सभी जातक चार मुखी रुद्राक्ष धारण कर सकते है। मिथुन और कन्या राशि का स्वामी ग्रह बुध है । यह राशि वाले भी चार मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ फल दायक है astrologer , astrologer , astrologer , astrologer