ग्रहों के रंगों से बदले अपनी किस्मत
रंगों का हमारे जीवन पर बहुत ही ज्यादा असर होता है। प्रत्येक रंग का गुण और उसकी शक्ति अलग ही है। प्रत्येक ग्रहों का रंग, प्रत्येक देवी एवं देवताओं का रंग और प्रत्येक वस्तु का भी अपना ही एक अलग रंग होता है। रंगों के महत्व को समझना जरूरी है।
ग्रहों के रंग :
1. सूर्य- रंग लाल और तम्बाई। तम्बाई अर्थात तांबे जैसा। रंग की शक्ति आग का भंडार है। मतलब यह कि वह बहुत ही ऊर्जावान और एनर्जेटिक है। गुण आग, गुस्सा, उग्रता, विवेक, विद्या और राजसी बहादुरी।
2. चंद्र- रंग सफेद और पनियारा अर्थात पानी जैसा। रंग की शक्ति मानसिक शक्ति, सुख और शांति का मालिक। गुण शीतल, शांत, माता का प्यारा, पूर्वजों का सेवक, दयालु एवं हमदर्द।
3. मंगल- रंग लाल और रक्त वर्ण। शक्ति मात या मौत देना। गुण साहस, आत्मविश्वास, क्रूरता, युद्ध और सोच-समझकर बात करने वाला।
4. बुध- रंग सब्ज हरा और श्याम। शक्ति सुघने और बोलने की शक्ति के साथ ही दिमागी ताकत। गुण मित्रता, वाकपटुता, मिलनसारिता और चापलुसी।
5. गुरु- रंग पीला और सुनहरा, स्वर्ण। हकीमी, हवा, रूह और सांस लेने तथा दिलाने की शक्ति। गुण मौन एवं शांत और रहस्यमय ज्ञानी।
6. शुक्र- रंग सफेद और इससे मिलता जुलता। शक्ति प्यार, लगन, शांति और ऐश पसंद। गुण घर गृहस्थी और आशिक मिजाज।
7. शनि- रंग काला और श्याम। शक्ति जादूमंत्र देखने-दिखाने की शक्ति। गुण रहस्य में रुचि, देखना, भालना, चालाकी, मूर्ख, अक्खड़ और कारिगर।
8.राहु- रंग नीला। शक्ति कल्पना शक्ति का स्वामी, पूर्वाभास तथा अदृश्य को देखने या महसूस करने की शक्ति। गुण सोचने की ताकत, डर, शत्रुता, चालबाज, मक्कार, नीच और जालिम।
9. केतु- रंग काला-सफेद दोरंगा अर्थात दोनों रंग एक साथ और कपोत एवं धूम्र वर्ण। शक्ति सुनना, चलना, सतर्कता और मिलना। गुण धर्मज्ञानी, मजदूरी और अफसरी।
निष्कर्ष : उपरोक्त ग्रहों में सूर्य, गुरु, चंद्र, शुक्र, बुद्ध ग्रह को सबसे शुभ माना जाता है। मंगल ग्रह को क्रूर ग्रह माना जाता है। शनि, राहु और केतु ग्रह को अशुभ माना जाता है। अत: अपने जीवन में गुरु का पीला, चंद्र और शुक्र का सफेद, बुध का हरा और सूर्य के तंबाई रंग का उपयोग करना चाहिए।