कार्तिक शुक्ल द्वितीया
ग्रह प्रभाव: चंद्र, मंगल और शुक्र की सामंजस्य स्थिति
भाईबीज, यम द्वितीया के रूप में भी जानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन यमराज अपनी बहन यमी (यमुना) के घर भोजन करने गए थे।
तभी से यह दिन भाई-बहन के अटूट प्रेम और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
क्या करें:
🌼 बहनें भाई के माथे पर तिलक लगाकर आरती करें।
🔮 भाइयों को रक्षा स्वरूप बहनों को शुभ प्रतीक वस्तुएँ जैसे — शंख, चांदी का सिक्का, रुद्राक्ष या गणेश मूर्ति भेंट करनी चाहिए।
🍛 परिवार के सभी सदस्य साथ भोजन करें — यह ग्रहों की पारिवारिक ऊर्जा संतुलन को बढ़ाता है।
ज्योतिषीय रहस्य:
इस दिन चंद्रमा और शुक्र के प्रभाव से संबंधों में भावनात्मक मजबूती आती है। इसलिए भाई-बहन के बीच माफ़ी और शुभकामना का आदान-प्रदान करना अत्यंत फलदायी होता है।