प्रश्न- गुरुजी लक्ष्मी पूजा हमें किस दिशा में करना चाहिए।
गुरुजी- वास्तु के अनुसार लक्ष्मी पूजन के लिए ईशान कोण, अग्नि कोण, पश्चिम दिशा एवं उत्तर दिशा में कर सकते हैं।
क्योंकि
ईशान कोण में सभी देवी देवताओं को पूजन किया जाता है। यह दिशा पूजन के लिए सर्वश्रेष्ठ दिशा है।
अग्नि कोण का संबंध हमारे कैश से हैं। व्यापार में जो गल्ला होता है। जिसमें प्रतिदिन का पैसा आता है उसे इसी दिशा से देखा जाता है और माता लक्ष्मी भी धन की देवी है।
पश्चिम दिशा से हम प्राप्तियां को देखते जाता है। अर्थात हम धन कमाने के लिए जो भी प्रयास करते हैं उस मेहनत के फलस्वरूप जो भी हमें इनकम प्राप्त होता है ।उसे हम पश्चिम दिशा से ही देखते हैं। अतः माता लक्ष्मी का पूजन इस दिशा में किया जा सकता है।
उत्तर दिशा अवसर का है। इस दिशा की स्वामी कुबेर एवं लक्ष्मी जी है। चाहे हम नौकरी करें या व्यापार करें इसमें हम तभी सक्सेस हो सकते हैं जब हमें अवसर मिले। हमारे प्रतिष्ठान में ग्राहक आए और ग्राहक ही हमें धन देते हैं। अतः इस दिशा में माता लक्ष्मी जी की पूजन किया जा सकता है।
नोट -जो व्यक्ति कर्म योगी है। मन लगाकर कर्म करता है। भाग्य के भरोसे में नहीं बैठा रहता। इसके बावजूद भी उसके जीवन में संघर्ष का दौर आता है। जिससे वह उबर नहीं पा रहा है तब वह माता लक्ष्मी की पूजन करता है तो उसे लाभ मिलता है। और उसके लिए रास्ते खुलने लग जाते हैं।
लेकिन जो व्यक्ति मात्र पूजन ही करें और कोई काम धंधा ना करें। और चाहे की मुझे लाखों करोड़ों मिल जाए तो ऐसे लोगों को माता लक्ष्मी का पूजन करने से कोई लाभ नहीं होता है।
✍️ Raajeshwar Adiley