क्या आप जानना चाहते हैं कि आपकी कुंडली में कौनसा ग्रह उच्च का या नीच का है, अच्छा है या बुरा है? आप खुद ही अपनी कुंडली लेकर बैठे हैं और इस लेख के अनुसार टेली कर लें। कुछ हद तक तो आपको समझ में आ ही जाएगा कि मेरी कुंडली के कौनसे ग्रह अच्छे हैं। यदि कोई ग्रह कमजोर पड़ रहा है तो उसके खुद ही उपाय कर लें।
कुंडली का फलित निकालते या अध्ययन करते समय कई नियम और बातों का ध्यान रखना पड़ता है। उन प्रमुख बातों में से एक है कुंडली में किस ग्रह की दृष्टि कहां पर पड़ रही है और वह ग्रह क्या फल दे रहा है। यहां संक्षिप्त में जानते हैं कि किस ग्रह का कैसा दृष्टि बल है।
ग्रहों के उच्च और नीच स्थान :
सूर्य
मेष राशि में उच्च का होते हैं मेष राशि का स्वामी मंगल अग्नि तत्व ग्रह हैं मतलब यदि अग्नि को अग्नि मिल जाए तो और जल उठेगा best astrologer website :- https://allso.in
चंद्र
वृषभ राशि में उच्च का होते हैं वृषभ राशि का स्वामी शुक्र जल तत्व ग्रह है मतलब यदि जल को जल मिल जाए तो बाढ़ ला सकता है best matrimonial website :- https://vivahallso.com/
मंगल
मकर राशि में उसका होते हैं मकर राशि का स्वामी शनि वायु तत्व वाले ग्रह है मतलब अग्नि को वायु मिल जाए तो भी जल उठेगा aapki kundli ka konsa grah faldai hai or konsa grah nahi
बुध
पनी ही कन्या राशि में उच्च का होते हैं कोई भी व्यक्ति अपने ही घर में सुरक्षित महसूस करता है janiye hamare blog reading kerka
बृहस्पति
कर्क राशि में उच्च का हो जाते हैं कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा जल तत्व वाले करें हैं मतलब आकाश में जल समाहित हो जाए तो बारिश कराकर हरियाली लाने की शक्ति रखते है।
शुक्र
मीन राशि में उच्च के होते हैं मीन राशि गुरु की राशि है और गुरु आकाश तत्व वाले ग्रह यदि फिर आकाश को जल मिल जाए तो बारिश कराकर हरियाली लाने की शक्ति रखते हैं
शनि
तुला राशि में उच्च का होते हैं तुला शुक्र की राशि है और शुक्र जल तत्व ग्रह है और यदि समुंदर को हवा मिल जाए तू तूफान का विकराल रूप लेने से कोई नहीं रोक सकता क्योंकि शुक्र जल तत्व है और शनि वायु तत्व है
राहु
राहु मिथुन मतांतर से यह ग्रह वृषभ में उच्च का और वृश्चिक में नीच का होता है।
केतु
राहु मिथुन मतांतर से यह ग्रह वृश्चिक में उच्च का और वृषभ में नीच का होता है।