शतभिषा नक्षत्र अक्टुम्बर महीने के दूसरे पक्ष में शिर पर आकाश में रात 9:00 से 11:00 बजे दिखाई देता है यह नक्षत्र 100 तारो से बना हुआ है इसका स्वरुप आकाश में मृग जैसा दिखाई देता है कुम्भ राशि शतभिषा नक्षत्र – 6 अंश 40 कला से 20 अंश तक होता है best astrologer , famous astrologer , astrologer
शतभिषा नक्षत्र का स्वभाव:
शतभिषा नक्षत्र में जन्म धारण करने वाला जातक का सत्यमार्गी, हितैषी, प्रभावशाली, धैर्यवान, स्वतंत्र, अलगावप्रिय।best astrologer , famous astrologer , astrologer
शतभिषा नक्षत्र व्यवसाय:
शतभिषा नक्षत्र में जन्म धारण करने वाला जातक ज्योतिष, खगोलशास्त्र, विज्ञान, भौतिकी, विद्युत, अणुविद्युत, वायु यातायात, तकनीशियन, प्रयोगशाला, चर्म उद्योग, जनगणना, राशन एवं जेल विभाग, दुभाषिया, अनुवादक, गुप्त विद्या
इस शतभिषा नक्षत्र की जानकारी वीडियो के रूप में देखें
शतभिषा नक्षत्र रोग:
शतभिषा नक्षत्र में जन्म धारण करने वाला जातक के जीवनमें टांग में फ्रेक्चर, लंगड़ाना, टांग काटा जाना, गठिया, हृदय रोग, गज चर्म, कोढ़ उच्च रक्तचाप
राशीश शनि
• नक्षत्र अंग – – पिंडली व पिंडली की मांसपेशियां। • नक्षत्र वृक्ष कदम्ब है । • नक्षत्र रंग - लाइट ब्लैक • नक्षत्र तत्व - जल • नक्षत्र गणना - चर
• नक्षत्र स्वामी राहू • नक्षत्र के देवता - वरुण • नक्षत्र मंत्र - ॐ शतभिषजे नमः • वर्ण :सूद्र • वशय: मानव • योनि : अश्व • गण:राक्षस • नाड़ी: आदि
नक्षत्र साधना उपासना
शतभिषा नक्षत्र के 4 चरण कुम्भ राशि में आते है इस चरण के अनुशार साधना उपासना करने से अच्छा लाभ प्राप्त होता हैbest astrologer , famous astrologer , astrologer
प्रथम चरण का स्वामी : गुरु
सूर्य मंत्र जप और हवन best astrologer , famous astrologer , astrologer
द्वितीय चरण का स्वामी : शनि
गायत्री मंत्र जप और हवन best astrologer , famous astrologer , astrologer
तृतीय चरण का स्वामी : शनि
विष्णु मंत्र हवन एवं ब्राम्हण भोजन best astrologer , famous astrologer , astrologer
चौथे चरण का स्वामी : गुरु
दुर्गा सप्तसती मंत्र शिव पूजा सूर्य मंत्य्रा जप और हवन best astrologer , famous astrologer , astrologer
Special Tips:
शतभिषा नक्षत्र में जन्म धारण करने वाले जातक को आर्द्रा स्वाति – शतभिषा इन तीन नक्षत्र में कोई भी अच्छा कार्य नहीं करना चाहिए